शिखा विवाद से वैचारिक संघर्ष तक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बनाया 'धर्म युद्ध बोर्ड'
From the Shikha controversy to ideological
शिखा विवाद से शुरू हुआ संत समाज का टकराव अब खुलकर वैचारिक संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है. ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 'धर्म युद्ध बोर्ड' की घोषणा की है. यानी यह लड़ाई अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं दिख रही.
इस बोर्ड में प्रतीकात्मक रूप से संत समाज और सत्ता के बीच विभाजन रेखा खींची गई है- एक ओर 'गाय, सत्य, शंकराचार्य का पक्ष, तो दूसरी ओर 'आय, सत्ता, मुख्यमंत्री' के साथ लोगों को दर्शाया गया है. खास बात यह है कि बोर्ड में सीधे तौर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज की तस्वीर शामिल की गई है.